आईफा (IIFA 2025) के आयोजन के बाद राजस्थान की राजनीति में फर्स्ट ग्रेड और सेकंड ग्रेड की हिरोइन को लेकर बहस छिड़ गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली (Tikaram Jully) द्वारा सदन में बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) को सेकंड ग्रेड हिरोइन कहे जाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला है।
उससे पहले जयपुर में आयोजित आईफा में 100 करोड़ रुपये खर्च करने को लेकर विपक्ष ने राज्य की भाजपा सरकार को विधानसभा में खूब घेर। राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है और प्रदेश के मुख्य मुद्दों से हटकर आईफा को लेकर हुए विवाद ने राजनीति की दिशा बदल दी है।
दरअसल, राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग और रीको ने मिलकर पिछले दिनों 8 और 9 मार्च को जयपुर में International Indian Film Academy (IIFA), यानी आईफा का आयोजन किया था। इसके लिए 100 करोड़ रुपये खर्च किये गये, जिसमें बॉलीवुड के शाहरुख खान से लेकर माधुरी दीक्षित और बॉबी देओल से लेकर करीना कपूर जैसे कई कलाकार शामिल हुए थे। इस इवेंट में बॉलीवुड के टॉप कलाकारों के नहीं आने के कारण विवाद हुआ।
उच्च पदस्थ सरकारी सूत्रों के अनुसार इस आयोजन के लिए आईफा की ओर से 100 करोड़ का बजट रखा गया था, जिसमें पर्यटन विभाग ने 40 करोड़ रुपये का बजट दिया, जबकि 20 करोड़ रुपये रीका के खजाने में से दिये गये। इसके साथ ही 40 करोड़ का बजट आईफा के द्वारा दिया गया। कांग्रेस का कहना है कि सरकार के खजाने से 100 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं। आईफा में आए बॉलीवुड कलाकारों को जयपुर की टॉप होटलों में ठहराया गया, उनको जयपुर आने की अलग से फीस भी दी गई और जिनको अवॉर्ड मिले, उन्हें इनाम भी दिये गये थे। कांग्रेस का कहना है कि ये तमाम खर्चे राज्य सरकार द्वारा अलॉट बजट में से दिया गया।
विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है और इसके बीच में ही आईफा जैसा प्राइवेट इवेंट सरकारी पैसों से किया किया गया है। इस इवेंट में मुख्यमंत्री से लेकर डिप्टी सीएम और तकरीबन तमाम मंत्री भी शामिल हुए। सीएम और डिप्टी सीएम द्वारा हीरो—हिरोइनों के साथ फोटो खिंचवाने को लेकर विपक्ष ने भाजपा नेताओं को निशाने पर लिया था।
सदन के अंदर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने फोटो सेशन को लेकर खूब कटाक्ष मारे। उन्होंने कहा कि सरकार ने गोविंद देवजी के मंदिर के लिए अशोक गहलोत सरकार द्वारा अलॉट 100 करोड़ रुपये नहीं दिये, जबकि आईफा के लिए 100 करोड़ रुपये निकालकर सौंप दिये।
असल में कांग्रेस सरकार में अशोक गहलोत ने 23 जून 2023 को जयपुर के आराध्य गोविंद देवजी मंदिर का कॉरिडोर बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। गोविंद देवजी मंदिर के कॉरिडोर को काशी विश्वनाथ और उज्जैन के महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की योजना थी, लेकिन दिसंबर 2023 में सरकार बदलने के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
ऐसे ही खाटू श्याम मंदिर के लिए भी कांग्रेस सरकार ने 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी, लेकिन फिलहाल उसे भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। टीकाराम जूली ने कहा है कि गोविंद देवजी मंदिर कॉरिडोर बनाने के लिए जो 100 करोड़ रुपया देना था, उसी से भाजपा सरकार ने आईफा करवा डाला।
आयोजन सीतापुरा के जेईसीसी में किया गया और शहर के बड़े निजी होटलों में कलाकारों के ठहरने की व्यवस्था की थी। इसके अलावा किसी भी पर्यटन स्थल पर कोई कलाकार नहीं गया और न ही किसी ने प्रदेश के पर्यटन का प्रचार किया, जिसे लेकर कांग्रेस नेता जूली ने कहा कि इस 100 करोड़ के इवेंट से राज्य के टूरिज्म को क्या लाभ मिला?
क्या ये इवेंट केवल नेताओं के साथ सेकंड ग्रेड कलाकारों के फोटो सेशन के लिए ही किया गया था? इस दौरान सदन में भाजपा नेताओं ने माधुरी दीक्षित को सेकेंड ग्रेड हिरोइन कहने का विरोध किया, जिसे टीकाराम जूली ने सिरे से खारिज कर दिया।
बाद में विज्ञापन के दम पर खुलकर सरकार का साथ देने वाले कुछ मीडिया चैनल्स ने टीकाराम जूली को निशाना बनाने का प्रयास किया, ताकि आईफा के मुद्दे को भटकाया जा सके, लेकिन जूली ने माधुरी दीक्षित के वर्तमान करियर को सेकंड ग्रेड बोलकर विवाद खत्म कर दिया।
अब सवाल यह उठता है कि जब राज्य के पर्यटन को आईफा से कोई लाभ नहीं हुआ तो इस प्राइवेट इवेंट पर सरकारी खजाने से 100 करोड़ रुपये क्यों खर्च किये गये? विपक्षी नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस इवेंट की तुलना उत्तर प्रदेश की सपा सरकारों द्वारा कराये जाने वाले 'सैफेई' से की गई है। सूत्र बताते हैं कि आईफा इवेंट राज्य सरकार या प्रदेश के विकास से संबंधित था ही नहीं, बल्कि एक भाजपा नेत्री के पुत्र को बॉलीवुड में स्थापित करने के लिए आयोजित गया था।
सरकारी सूत्र बताते हैं कि आईफा आयोजन के सरकारी विज्ञापनों में फोटो नहीं छापे जाने को लेकर पर्यटन मंत्री दीया कुमारी और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के बीच तनातनी भी हुई थी। 100 करोड़ रुपये खर्च कर आयोजित हुए आईफा से प्रदेश के पर्यटन पर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ने के कारण सरकार की नियत पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इतना खर्च करने के सवाल पर दीया कुमारी ने कहा है कि पहले विपक्ष को आंकड़े जांच लेने चाहिए, तो पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पब्लिक इंटरेस्ट में सरकार ऐसा कर सकती है, लेकिन उसे इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
विपक्षी नेताओं ने पहले राइजिंग राजस्थान पर गंभीर सवाल उठाए थे और अब आईफा को लेकर सरकार को घेरा है। ऐसे में सरकार चाहे तो अपना पक्ष रखने के लिए राइजिंग राजस्थान और आईफा के ऊपर खर्च का हिसाब सार्वजनिक कर विपक्ष को करार जवाब दे सकती है।
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